एग्जाम फोबिया

जनवरी से मार्च तक का समय एग्जाम कि तैयारी के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण होता है । एग्जाम में टाॅप करने के लिए इस समय को कैसे इस्तमाल करें , कैसे पढ़े , रिविजन का सही तरिका क्या है, पढ़ाई में टाईम टेबल की क्या अहमियत है , दिमाग को फ्रेश एवं तेज बनाने के लिए क्या खाएं ...... पेश है ऐसी ही कई बातों की उपयोगी जानकारी एग्जाम टिप्स के जरिये ।


टाइम मैनेजमेंट पर दें ध्यान
टाइम मैनेजमेंट के लिए समय की कीमत जानना, उसका बजट बनाना और हाथ के लिए काम ठीक समय पर पूरा करना आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि टाइम मैनेजमेंट एक ऐसी कला है जिसे सीखकर स्टूडेंट को समय का सही उपयोग करना आता है। अगर स्टूडेंट यह यहता है कि सिलेबस ज्यादा है और समय कम, तो वह टाइम मैनेजमेंट सही तरीके से नहीं कर पा रहा।
प्राथमिकताएं तय करें
स्टूडेंट को अपनी प्राथमिकताएं तय कर लेनी चाहिए कि उसे कितना टाइम स्टडी को और कितना दूसरे कामों को देना है।
सिलेबस को बांट लें
प्रीपेशन के लिए सिलेबस को तीन भागों में बांट लें। बढि़या प्रीपेशन वाला भाग, ठीक-ठीक प्रीपेशन वाला भाग और कम प्रीपेशन वाला भाग।
प्रैक्टिस
अनसाॅल्व्ड पेपेर्स को साॅल्व करना अपने रूटीन में शामिल कर लें।
ऐसे बनाएं नोट्स
नोट्स बनाने से पहले टाॅपिक को अच्छी तरह पढ़ लें, समझ लें, फिर नोट्स बनाएं। नोट्स बनाते समय टाॅपिक को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटने की कोशिश करें। हर हिस्से को सब हैडिंग जरूर दें।
छोटे व प्रभावी नोट्स
नोट्स हमेशा छोटे, तथ्यों से युक्त होने चाहिए।
भाषा सुधारें
इंग्लिश मीडियम वालों को हिंदी, संस्कृत में और हिंदी मीडियम वालों को इंग्लिश में मुश्किल आती है। इसलिए हिंदी व इंग्लिश की डिक्शनरी देखने की आदत डालें।
गेस पेपर के चक्कर से बचें
डीएवी स्कूल (जालंधर) की टीचर सतिन्दर कौर का कहना है कि गेस पेपर एक जुआ है। गेस पेपर के सहारे न रहें। पूरे सिलेबस की तैयारी करें।
राइटिंग पर ध्यान
पेपर में साफ-सुथरी राइटिंग से एग्जामिनर पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। राइटिंग में सुधार लाएं। वड्र्स को नए स्टाइल में लिखने का जुनून लिखावट में काफी सुधार लाता है।
नोट करके याद करें
पढ़ते समय याद रखने के लिए अपने साथ कागज और पैंसिल रखें और छोटे-छोटे टिप्स लिखकर चीजों को याद करते रहेें।
डेड लाइन
हर टाॅपिक के लिए टाइम लिमिट तय करें कि उसे कितनी देर तक पढ़ना है।
महत्वपूर्ण प्रश्नों को चुनें
किसी चैप्टर को पूरा याद किया जाए यह जरूरी नहीं, उसके महत्वपूर्ण प्रश्नों को चुनकर उनकी ज्यादा अच्छी तैयारी करें।
इम्पाॅटेंट को दोहराएं
पढ़ाई के जिस हिस्से को ज्यादा तैयारी की जरूरत हो, उसे रोज लिख-बोल कर दोहराते रहें।
छोटे-छोटे ब्रेक
पढ़ते वक्त हर 20-25 मिनट के बाद तीन-चार मिनट का ब्रेक लेते रहना चाहिए। इससे थकावट महसूस नहीं होती।
राइटिंग में तेजी
राइटिंग को बड़ी क्लासों में जाकर इम्प्रूव करने में बहुत समय लग जाता है। बड़ी क्लासों में काफी फास्ट भी लिखना पड़ता है। इसलिए साफ और तेज राइटिंग की शरू से प्रेक्टिस करें।
पाॅइंट वाइज उत्तर
लंबे उत्तरों में सवाल से जुड़े हर पाॅइंट की व्याख्या करें। इससे प्वाइंट्स देखकर आपकी तैयारी का अंदाजा हो जाएगा।
नींद पूरी लें
नींद पूरी करके पढ़ाई करना सबसे बढि़या मेमोरी टाॅनिक है। कम नींद से क्षमता में कमी होती है।
विषयों का समय तय करें
किस विषय को प्राथमिकता देनी है, किस विषय में कमजोर है और किस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है यह तय कर लें।
स्टडी शेड्यूल से सब अलग
दोस्तों से मिलना, फोन करना अपने स्टडी शेड्यूल से अलग रखें। दोस्तों को बता दें कि इस समय स्टडी करके हटेंगे ताकि वे उसी समय काॅन्टेक्ट करें।
पूछने की आदत डालें
अगर कुछ समझ में नहीं आ रहा हो तो उसे बेझिझक पूछें। बेशक वह कोचिंग क्लास हो या स्कूल अपनी समस्या को हल करें।
ग्रुप का फायदा उठाएं
ग्रुप में एक-दूसरे की समस्याओं को हल करें। दूसरों की परेशानियों को साॅल्व करें, गु्रप में बैठकर सीखने की आदत डालें।
आत्मविश्वास जरूरी
कई बार आत्मविश्वास की कमी के कारण स्टूडेंट डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं, इससे स्टडी प्रभावित होती है। इसलिए आत्मविश्वास से काम लेना चाहिए।
एग्जाम फोबिया
कई स्टूडेंट्स को तनाव के कारण एग्जाम फोबिया भी हो जाता है, इसलिए तनाव कम रखने के लिए रिलेक्सेशन टैक्नीक का प्रयोग करना चाहिए।
एग्जाम फोबिया का इलाज
एग्जाम फोबिया का इलाज अपनत्व व मार्गदर्शन है। ऐसे में पेरेंट्स स्टूडेंट को सराहें और समझदारी से काम लें।
दवाइयां घातक हो सकती हैं
कई स्टूडेंट अपनी याददाश्त आदि बढ़ाने के लिए दवाइयां लेना शुरू कर देते हैं, लेकिन ये घातक भी हो सकती हैं। कुछ दवाइयों में एल्कोहल मिला होता है, जिससे दिमाग को राहत तो मिलती है लेकिन, व्यक्ति इन पर निर्भर हो जाते हैं और किडनी, फेफड़ों की कई समस्याएं घेर लेती हैं।
अन्य प्रोग्राम न रखें
एग्जाम के दिनों में उत्सव व अन्य मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित न करें। इससे स्टूडेंट का ध्यान बंट जाएगा।
नो टीवी, नो रेडियो
एग्जाम के दिनों में टीवी और रेडियो का प्रयोग कम कर देना चाहिए। क्योंकि इससे स्टूडेंट का पढ़ाई में मन नहीं लगेगा।
कमजोरियों का पर्दाफाश
थोडे समय में कोर्स पूरा करना मुश्किल होता है और काफी कुछ समझ नहीं आता। एग्जाम से पहले इन कमजोरियों को दूर कर लेना चाहिए। इसलिए तीन-चार महीने पहले तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
शांत, हवादार वातावरण
स्टडी रूम के पास सड़क आदि का शोर-शराबा नहीं होना चाहिए। न ही उस रूम में कोई बार-बार आता-जाता हो।
एक्टिविटीज कम करें
एग्जाम करीब आने पर बाकी एक्टिविटीज बंद करना मुश्किल होता है। लेकिन, इनमें कटौती करके बचे समय का उपयोग पढ़ाई के लिए किया जा सकता है।
बैठने की जगह
कुर्सी पर बैठकर पढ़ाई करें। रूम में पर्याप्त हवा और रोशनी का प्रबंध होना चाहिए।
जरूरत का रखें ख्याल
स्टडी के समय बाकी सदस्यों को चाहिए कि व बीच-बीच में जाकर जरूरत पूछते रहें और उनकी मेहनत को सराहें।
लक्ष्य हो सर्वोच्च
लक्ष्य हमेशा ऊंचा रखें। शत-प्रतिशत नंबर की चाह रखने वाले 80-90 का स्कोर खड़ा कर पाते हैं।
सकारात्मक सोच
अक्सर स्टूडेंट कई चैप्टर्स को कठिन मानकर छोड़ने की गलती करते हैं। सकारात्मक सोच अपनाकर अपनी कमजोरियां दूर करें।
खुद को पहचानें
कमियों को पहचान कर दूर किया जाए तो एग्जाम की काफी तैयारी हो जाती है।
पेरेंट्स भी दंे सहयोग
एग्जाम के दिनों में स्टूडेंट को घरेलू चिंताओं और अन्य जिम्मेदारियों से दूर रखना चाहिए।
दोस्तों से रखें संपर्क
सिलेबस को लेकर कोई दिक्कत न आए इसलिए अपने दोस्तों के साथ निरंतर संपर्क में रहें।
खुद को परखें
टाॅपिक पढ़ने के बाद थोड़ा रूकें और जो कुछ भी पढ़ा है उसे अपने शब्दों में लिखें।
दोहराएं
किसी चीज को याद करने का सबसे अच्छा तरीका है उसे बार-बार दोहराना।

मेघवंशी - मेघवाल समाज

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